Thursday, November 1, 2018

स्वतंत्रता का अधिकार विचार वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं भाग


स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19)
                         भारतीय संविधान में व्यक्ति को 6 बुनियादी स्वतंत्रता भाषण में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शस्त्र रहित शांतिपूर्वक सम्मेलन की स्वतंत्रता भारत राज्य में भ्रमण में निवास की स्वतंत्रता एवं आजीविका व्यापार व कारोबार की स्वतंत्रता प्रदान की गई

विचार विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: अनुच्छेद 19

क.  भारत के सभी नागरिकों को विचार अभिव्यक्तत करने भाषण देने तथाा अन्य व्यक्तियों केे विचारों का प्रचार प्रसार करने की स्वतंत्रता है इसमें प्रवेश की स्वतंत्रता भी सम्मिलित है किंतु इस अधिकार का दुरुपयोग करने के लिए प्रतिबंध भी लगाए गए हैं यह स्वतंत्रता पर भारी भारत की प्रभुता व अखंडता के पक्ष में राज्य की सुरक्षा विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित में लोग व्यवस्था व शिष्टाचार या सदाचार के हित में न्यायालय अवमानना मानहानि अपराध के लिए उत्तेजित करना आदि के संबंध में उचित निर्बंधन  लगाए जा सकते हैं
अस्त्र-शस्त्र रही शांतिपूर्ण सम्मेलन की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19 इसके तहत सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण व अस्त्र-शस्त्र के सभा वे सम्मेलन का अधिकार दिया गया है इस अधिकार को भी राज्य या सार्वजनिक सुरक्षा हित में सीमित किया जा सकता है संग्रह समुदाय निर्माण की स्वतंत्रता अनुच्छेद के अनुसार नागरिक मिलकर अपना सैया बना सकते हैं किंतु राज्य हित में इससे भी प्रतिबंधित किया जा सकता है सर आने जाने वालों की स्वतंत्रता इसके अनुसार भारत के राज्य क्षेत्र में अवैध रूप से आना-जाना का अधिकार दिया गया है निवास की स्वतंत्रता किस अनुच्छेद के अनुसार भारत राज्य क्षेत्र के किसी भी भाग में निवास करने की गारंटी दी गई है

भारतीय व्यापार की स्वतंत्रता
किस अनुच्छेद द्वारा सभी नागरिकों को वर्क आजीविका व्यापारी में तथा व्यवसाय करने की क्षमता प्रदान की गई है किंतु जनहित में व्यापार तथा व्यवसाय करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है किंतु जनहित में नशीली में खतरनाक चीजों के व्यापार करने तथा अन्य ऐसे कार्य करना जो राज्य हित में मैं हूं को निषेध किया जा सकता है इसके अलावा अनुच्छेद 20 21 22 द्वारा व्यक्तिगत मौलिक स्वतंत्रता ओं की व्यवस्था की
 अपराधों के लिए दोष सिद्ध के विषय में शरण अनुच्छेद 20 में यह स्पष्ट किया गया किस किस की बीवी को उस समय तक अपराधी नहीं ठहराया जा सकता जब तक कि उसने अपराध के समय लागू किसी कानून का उल्लंघन किया हो किसी व्यक्ति को एक अपराधी के लिए एक बार से अधिक गण नहीं दिया जा सकता है किसी व्यक्ति को प्राप्त करने के सीने में तारीख का सजा से अधिक सजा भी नहीं दी जा सकती है
जीवन में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण अनुच्छेद 21 के अनुसार किसी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया को छोड़कर अन्य किसी प्रकार से वंचित नहीं किया जा सकता 40 वें संविधान संशोधन 1979 द्वारा इस अधिकार को और अधिक प्रभावशाली बना लिया गया अब आपातकाल में व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों को सीमित नहीं किया जा सकता इसे प्राण स्वतंत्रता का अधिकार भी कहा जाता है
बंदी कराने में सक्षम अनुच्छेद 22 के तहत बंदी व्यक्तियों को कुछ अधिकार दिए गए उस बंदी बनाने का कारण जानने का अधिकार है उसे इच्छा अनुसार स्वयं के लिए कानून सहायता प्राप्त करने का अधिकार दिया जाए 24 घंटे के अंदर बंदी को न्याय जिसके सम्मुख पेश किया जाना आवश्यक है यह अधिकार शत्रु देश के निकास एवं निवारक नजरबंदी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए अपराधों पर लागू नहीं होंगे
निवारक नजरबंदी निवारक नजरबंदी से तात्पर्य बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया से के नजर बंदी से अपराधी को दंड करने से पहले नहीं बल्कि अपराध करने से रोकने की प्रक्रिया जब राज्य को यह अनुमान हो कि किसी से जो अपराध करने वाला है राज्य की सुरक्षा को खतरा हो या खत्री की धमकी मिल रही हो तो राज्य समिति अवधि के लिए बिना जांच किए बंदी बना सकता है किसी को 3 महीने से अधिक सकते अधिक कानून के तहत बंदी नहीं रख सकते जब तक कि परामर्श दात्री समिति जिसमें एक व्यक्ति उच्च न्यायालय के जजों की अनुमति प्राप्त हो चुकी हो
Share:

0 comments:

Post a Comment

Recent Posts

Copyright © New gk jod | Powered by Blogger Design by ronangelo | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com