Friday, November 2, 2018

राजस्थान में जल संसाधन वह प्रमुख परियोजनाएं बहुत देसी परियोजना

राजस्थान सिंचाई एवं पेयजल

जल संसाधन : जल के स्रोत जो मानव के लिए उपयोगी है या जिनके उपयोग की संभावना हो उन्हें जल संसाधन कहते है

राजस्थान में जल संसाधन : राजस्थान का अधिकांश भाग मरुस्थलीय होने से यहां पेयजल एवं सिंचाई का भाव है राजस्थान के जल संसाधनों को दो भागों में बांटा जा सकता है (1)सतही जल संसाधन (2)भूमिगत जल संसाधन

सतही जल संसाधन : नदियां जिले बेतला प्रमुख सती जल के स्रोत है राजस्थान में कई नदियां एवं जिले हैं राजस्थान में लगभग 450 बड़े तालाब है

भू जल संसाधन : यह जल प्राप्ति का मुख्य स्रोत है राज्य के लगभग 70% पेयजल श्रोताओं का आधारभूत जल है

जल सरंक्षण : जल का विवेकपूर्ण ढंग से संग्रहण रखरखाव उपयोग को जल संरक्षण कहा जाता है जल संरक्षण के अनेक परंपरागत एवं आधुनिक विधियां है

सिंचाई : वर्षा के भाव में भूमि या फसलों को कृत्रिम तरीकों से चल प्रदान करने की क्रिया को सिंचाई करते राजस्थान में सिंचाई के प्रमुख शासन निर्णय हुए वे नलकूप नैहरे तालाब

राजस्थान की बहुउद्देशीय परियोजनाएं

 इंदिरा गांधी नहर परियोजना : पूर्ण होने पर यह विश्व की सबसे बड़ी परियोजना है यह राज्य की मरू गंगा है जिसके कई लाभ है इसे मरुस्थलीय क्षेत्रों का विकास संभव हुआ है इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया गया जिसमें 8 लीटर मेरे निकाली गई है तथा के हिसाब खानेर भी निकाली गई है इस परियोजना से राज्य को ही लाभ प्राप्त हो रहे हैं

चंबल परियोजना : यह परियोजना राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना है जिसमें दोनों राज्यों की हिस्सेदारी आधी आधी है इस योजना के अंतर्गत 4 बांध बनाए गए हैं गांधी सागर बांध राणा प्रताप सागर बांध जवाहर सागर बांध व कोटा बैराज बांध

माही बजाज सागर परियोजना : यह राजस्थान एवं गुजरात की संयुक्त परियोजना है इससे राज्य के बांसवाड़ा व डूंगरपुर जिले को लाभ प्राप्त हो रहा है इस परियोजना का कार्य तीन चरणों में पूरा हुआ है

राजस्थान में सिंचाई विकास हेतु सुझाव : प्रमुख सुझाव निम्न है जल सरंक्षण उपयोग में  सतर्कता जल का सही नियोजन आधुनिक तकनीकों का उपयोग फवारा सिंचाई बूंद बूंद सिंचाई लाइनिंग को प्राथमिकता नई परियोजनाओं का चयन रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता आदि

राजस्थान में पेयजल : राजस्थान में पेयजल की समस्या है आंध्र प्रदेश में उपलब्ध जल स्रोत देश के कुल जल स्रोत का केवल 1% है पेयजल संकट निवारण हेतु हमें जल संरक्षण को अपनाना होगा इस हेतु राज्य में कई योजनाएं चलाई जा रही है इस हेतु कई ग्रामीण व शहरी पेयजल परियोजना राज्य में चलाई जा रही है तथा सिंचाई पर जल में जल प्रबंध हेतु क्या प्रयास किए गए हैं राज्य में जल संकट को दूर करने हेतु मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान चलाया गया है
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