Thursday, November 1, 2018

प्राकृतिक संसाधन खनिज संसाधन एवं जल संसाधन खनिज संसाधन से पर्यावरण पर प्रभाव

प्राकृतिक संसाधन

प्रकृति से प्राप्त होने वाले पदार्थों जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मानव जीवन हेतु आवश्यक है इन के अभाव में जीव जंतु मानव जाति के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती प्राकृतिक संसाधन के लाते हैं मानव के दिन प्रतिदिन बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा बेशर्म क्षण अनिवार्य हो जाता है प्रकृति द्वारा मानव को दिए गए अमूल्य उपहार मुख्य 6 प्राकृतिक संसाधनों का अध्ययन हम यहां कर रहे हैं

जल संसाधन जल संपूर्ण जीव जगत का आधार है विश्व की प्राचीन सभ्यताएं मित्र महत्वपूर्ण चीन भारत अधिक जल स्रोतों के सारे विकसित हुई है पृथ्वी के संपूर्ण जल का 97% जल महासागरों में है जो लवण युक्त है इसके अतिरिक्त 2% जल इन खंडों के रूप में जमा हुआ है इस तरह उपयोग के लिए जाने वाले जल की मात्रा न्यून है यदि विश्व में उपलब्ध कुल जल की मात्रा को एक गैलन मान ले तो शुद्ध जल की मात्रा एक चम्मच से भी कम हो मानव द्वारा जल का उपयोग निम्न कार्यों में लिया जा रहा है
(1( दैनिक कार्यों में(2) उद्योगों में (3)बिजली उत्पादन (4)मछली पालन(5) सिंचाई कार्यों में
जल की अधिकता में न्यूनता दोनों ही हमारे जीवन को प्रभावित करती है वर्षा के कारण जब नदी काजल बहुत तेजी से अधिक मात्रा में बैठ जाता है तो उसे मां कहते हैं आने वाली बाढ़ जन धन की हानि होती है 2013 में उत्तराखंड में आई बाढ़ विशाखा द्वारा हुई चंदन आदि मानव को भया कांत कर देती है जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार 5748 लोगों ने अपनी जान गवाई सूखे की मार झेलने वाले राजस्थान में जोधपुर बाड़मेर पाली सिरोही में बाढ़ आना आश्चर्यजनक है

इस तरह न्यून वर्षा काल का सुखे का कारण बनती है भारत में सन 18 से 99 में आज तक का सबसे भीषण तम अकाल पड़ा जिसमें लाखों लोगों ने अपनी जान गवाई है

खनिज संसाधन भूमि में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले संसाधनों को खनिज संसाधन कहते हैं खनन द्वारा खनिज प्राप्त कर उन्नति के रासायनिक क्रियाओं द्वारा शुद्ध किया जाता है यह प्रकृति द्वारा दिया बहुमूल्य जाना है खनिज संपदा से भरपूर आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ होंगे विश्व का 40% व्यापार खनिजों से संबंधित है खनिज दो प्रकार के होते हैं

धात्विक खनिज खानों से प्राप्त का खनन का रासायनिक क्रियाओं द्वारा मूल धात्विक खनिज को परिष्कृत कर शुद्ध रूप में प्राप्त किया जाता है उदाहरण लोहा तांबा सीसा जस्ता इन अल्युमिनियम चांदी सोना मैग्नीज प्लेटिंग नियम

धात्विक खनिज ये वह खनिज है जिन्हें खानों से प्राप्त कर उसका परिष्कार नहीं किया जाता है इन्हें प्राइम ओल्ड में ही काम लिया जाता है इनकी निम्न श्रेणी है

(1)ऊष्मा रोधी खनिज (2)बहुमूल्य पत्थर(3) रासायनिक खनिज(4) उर्वरक खनिज

खनन का पर्यावरण पर प्रभाव

सभी प्रकार के खनिज भूमिगत होते हैं इन्हें निकालने के लिए भूमि को गहराई तक होना पड़ता है मर्दा से खनिज निकालने की प्रक्रिया को खनन कहते हैं खनन कार्य से पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है

खनन से पर्यावरण को होने वाली क्षति से बचाव के लिए जरूरी है कि खनन के बड़े गड्ढों का पुण्य भराव किया जाए इन से निकलने वाले मलबे का उचित निस्तारण हो खनन क्षेत्र में वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जावे एवं अवैध खनन को रोका जाए
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