Friday, November 2, 2018

भारत में प्रमुख जनजातियां

भारत में प्रजातीय संगठन का विस्तृत लेख
प्रजातीय संगठन
भारत में प्राचीन समय से ही अनेक प्रजातियों का आवागमन होता आ रहा है यहां कई मानव प्रजातियों का मिश्रण पाया जाता है

नीग्रिटो : यह भारत के प्रथम मूल आदिवासी है जो अमेरिका से भारत आकर दक्षिण प्रायद्वीपीय भूभाग के घने जंगलों में रहने लगे यह लोग कद में छोटे होते हैं इनका सिर छोटा किंतु ललाट उभरा हुआ होता है इन लोगों का रंग काला होता है इनके बाल सुंदर एवं जैसे होते हैं उनका चेहरा छोटा नाक चपटी एवं जोड़ी गोल से होंठ मोटे मोटे हुए होते हैं देश के उत्तर पूर्व में अंगामी नागा और झारखंड के बाद किस जनजाति में यह विशेषताएं पाई जाती है

प्रोटो ऑस्ट्रेलॉयड्स : गुहा के अनुसार यह भारत की मूल प्रजाति है जबकि प्रॉक्टर ने इन्हें भूमध्य सागरी प्रदेश में से आया हुआ माना है यह भारत में वर्तमान में मध्य में दक्षिण के पहाड़ी वनों में सम्मिलित है इन के बाल घुंघराले वोट दें एवं छोटा कद एवं रंग बुरा होता है देश में मलयालम मुंडा संताल कॉल भीलनी वंशज के लोग हैं

मंगोलॉयड : यह देश में चीन में मंगोलिया से आए हैं वर्तमान में यह प्रजाति लद्दाख सिक्किम लाहौल स्पीति अरुणाचल प्रदेश नागालैंड मणिपुर मिजोरम में मिलती है उनका मुंह है चपटा गाल की हड्डियां उभरी हुई एवं आंख के बाद आम के समान होती है इन के दो प्रमुख उपविभाग है पूरे मंगोलॉयड कीमती मंगोलॉयड

भूमध्यसागरीय : यह प्रजाति महत्वपूर्ण योगदान रखती है पश्चिमी विद्वान इससे पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र अथवा दक्षिणी पश्चिमी एशिया से भारत आया हुआ मानते हैं इस प्रजाति के तीन उपविभाग है पूरे भूमध्यसागरीय भूमध्यसागरीय प्रजाति वह पूरी भूमध्यसागरीय

चोड़े सिर वाली पश्चिमी प्रजातियां : भारत में पश्चिम से आकर इस प्रजाति के 300 में भारत के विभिन्न हिस्सों में आकर बसे यह समूह है लाइट डिनर एक और आर्मी नोएडा
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