Friday, November 2, 2018

नगर पालिका देश में सभी राज्यों में नगर निकायों के गठन के लिए जनसंख्या को आधार माना जाता है राज्य में भी जनसंख्या के आधार पर एक लाख से कम जनसंख्या वाले को स्क्रीन नगरी क्षेत्र नगर पालिका की स्थापना

 देश में सभी राज्यों में नगर निकायों के गठन के लिए जनसंख्या को आधार माना जाता है राज्य में भी जनसंख्या के आधार पर एक लाख से कम जनसंख्या वाले छोटे संक्रमण कालीन नगरीय क्षेत्र नगर पालिका की स्थापना की गई है संक्रमण इन कालीन छोटे नगर क्षेत्र के लिए 74 वें संविधान संशोधन में नगर पंचायत के गठन का प्रावधान किया गया था लेकिन राज्य सरकार ने नगर पंचायत के स्थान पर नगर पालिका बोर्ड का गठन किया वर्तमान में इनकी संख्या क्रम से 13,58 एवं 75 है इस प्रकार जनसंख्या में कुल 146 नगर पालिका निकाय गठित है

पालिका क्षेत्र को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के रूप में जनसंख्या के आधार पर वार्ड नो में विभक्त कर दिया गया है वार्डों की संख्या समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी करके निर्धारित की जाती है नगर पालिका वार्ड सदस्य अधिकार से जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से गुप्त मतदान द्वारा निर्वाचित किया जाता है 21 वर्ष या इससे अधिक आयु वाला ऐसा व्यक्ति जो नगर पालिका की निर्वाचक नामावली में मतदान नगरपालिका का चुनाव लड़ सकता है

ऊंची जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को जनसंख्या के अनुपात तथा महिलाओं के लिए नियमानुसार स्थान चक्कर आना कर्म के आधार पर आरक्षित किया गया है आरक्षित स्थानों का निर्धारण चुनाव से पहले लाटरी पद्धति से किया जाता है आरक्षित वर्ग के व्यक्ति और महिलाएं सामान्य सीट से चुनाव लड़ सकते हैं सामान्य कार्य निष्पादन के लिए नगर निकाय को 2 माह के कम से कम एक बैठक आवश्यक करनी चाहिए

अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष नगर पालिका बोर्ड के सदस्य अपने में से 1 सदस्यों को अध्यक्ष एवं एक सदस्य को उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचन करते हैं अध्यक्ष के नेतृत्व में नगर पालिका बोर्ड उस नगर क्षेत्र के लिए नगरीय प्रशासन की नीतियां बनाता है जिसका क्रियान्वयन पालिका में नियुक्त अधिशासी अधिकारी द्वारा अधीनस्थ कार्मिकों की सहायता से किया जाता है अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का कार्यकाल में हुए कार्य सभी नगर परिषद के सभापति उपसभापति के समान ही होते हैं राज्य की नगर पालिका के अध्यक्ष पदों पर अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वालों के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आरक्षण होगा

सभी नगर पालिकाओं में कार्य को सुचारु रुप से चलाने के लिए वित्त स्वास्थ्य और स्वच्छता भवन एवं निर्माण नियम नियम गंदगी वस्ती सुधार में अपराधों का समन्वय समझौता विषय पर समितियों का गठन किया है नगरपालिका ने अपनी आवश्यकतानुसार सब विवेक से अधिक समितियों का गठन कर सकती है

नगर पालिका के कार्य यहां पर भी उल्लेखित है कि नगर निगम द्वारा निष्पादित किए जाने वाले कार्यों का जो उदयपुर में वर्णित बिंदुओं में किया गया है उन सभी अनिवार्य और विशेष कार्यों को नगर पालिका ने भी अपने क्षेत्र में निष्पादित करती है 74 वें संविधान संशोधन के अंतर्गत देश के सभी नगरीय निकायों निष्पादित किए जाने वाले कार्यों का संविधान की अनुसूची में सूचीबद्ध किया गया है जिसके अंतर्गत किया जा चुका है
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