Friday, November 2, 2018

ग्राम पंचायत के कार्य एवं पंचायत समिति

ग्राम पंचायत के कार्य
 पंचायती राज अधिनियम अनुसूची में ग्राम पंचायत के निर्धारित कार्य का संक्षिप्त वर्णन विवरण इस प्रकार है साधारण कार्यक्रम पंचायत अपने साधारण कार्य ग्राम पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए निवासी वार्षिक योजनाएं वार्षिक बजट तैयार करेगी साथ ही भारतीय लोक संपत्ति के गांव की आवश्यकता सांख्यिकी तैयार करने संबंधी कार्य करेगी
प्रशासनिक कार्य ग्राम पंचायत द्वारा पंचायत क्षेत्र में परिसरों का संख्या की गणना कृषि उपज उत्पादन वृद्धि कार्यक्रम ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विवरण केंद्रीय एवं राज्य सरकार प्रदत सहायता के सही उपयोग के लिए सक्षम प्रणाली सर्वेक्षण खलियान में चारा गांव में सामुदायिक भूमि पर नियंत्रण बेरोजगारी के आंकड़े जन्म मृत्यू हुए विवाह पंजीयन और पंचायत अभिलेख इत्यादि विषयों का प्रशासनिक कार्य किया जाता है

ग्राम पंचायत द्वारा कृषि विस्तार सहित कृषि और बागवानी विकास पशुपालन में गिरी कुकुट पालन में मच्छी पालन सामाजिक एवं फार्म वानिकी में लघु वनोपज इंजन में चारा लघु सिंचाई खाद्य ग्रामीण कुटीर उद्योग ग्रामीण आवास पे चढ़ के ग्रामीण विद्युतीकरण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम प्राथमिक शिक्षा तथा पुस्तकालय सांस्कृतिक लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण महिला बाल विकास की अवस्था सामुदायिक संपत्तियों खेल मैदान का निर्माण एवं रखरखाव शराब की दुकानों का विनियम इत्यादि विषयों से संबंधित कार्य भी किए जाते हैं

पंचायत समिति

पंचायती राज की त्रिस्तरीय संरचना का मध्यवर्ती सोपान पंचायत समिति के लाता है राजस्थान में पंचायत समिति सहित सभी पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 5 वर्ष है राजस्थान में वर्तमान में 295 पंचायत समितियां कार्यशील है राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार राज्य सरकार जिले के भीतर किसी भी स्थानीय क्षेत्र को एक खंड के रूप में घोषित कर सकेगी जिसके लिए एक पंचायत समिति होगी प्रत्येक पंचायत समिति एक निगमित निकाय होगी जिसका सास्वत उत्तराधिकारी हैं एक संबंध में रहोगे

अधिनियम के अनुसार एक लाख तक की जनसंख्या वाली पंचायत समिति क्षेत्र में 15 निर्वाचन क्षेत्र तथा इसे अधिक प्रत्येक 15000 की जनसंख्या के लिए दो निर्वाचन क्षेत्र की वृद्धि होगी पंचायत समिति के चुनाव में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग तथा महिलाओं के लिए स्थान नियमानुसार सुरक्षित किए गए हैं बताइए सभी आरक्षित किए गए स्थान चक्रम में बारी-बारी से आवंटित किए जाएंगे पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग में नहीं किया है पंचायत समितियों के कार्य संचालन में सामान्यतया प्रधान विकास अधिकारी प्रसार अधिकारी एवं कर्मचारी होते हैं प्रत्येक पारदेसी के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एक प्रतिनिधि का चुनाव संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता करते हैं बाद में पंचायत समिति के पारदेसी क्षेत्रों से निर्वाचित प्रतिनिधि अपने में से प्रधान और उपप्रधान का चुनाव करते हैं 3 बटा 4 बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव द्वारा प्रधान व उप प्रधान को हटाने का अधिकार भी इन्हें प्राप्त है

 अधिनियम के प्रावधान के अनुसार पंचायत समिति अपने कार्य के संग व्यवहार के लिए 1 मार्च से कम से कम एक बार बैठक आयोजित करेगी बैठक के लिए गणपूर्ति हेतु सदस्यों की कुल संख्या 1 टी आई की उपस्थिति निश्चित की गई है बैठक में सभी प्रश्नों का निश्चय उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा प्रत्येक बैठक की कार्यवाही कार्यवृत्त पुस्तिका में लिखी जाएगी
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